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नेपाल की त्रासदी पर सुदर्शन पटनायक की रेत कला

SHIDDHANT
28 Aug 2026 9:51 PM IST
नेपाल की त्रासदी पर सुदर्शन पटनायक की रेत कला
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दर्द और दुआओं का संदेश
Puri पुरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना और एकजुटता प्रकट करते हुए पुरी समुद्र तट पर एक विशेष रेत कलाकृति बनाई है। इस कलाकृति के जरिए उन्होंने आपदा पीड़ितों के लिए समर्थन और सहानुभूति का संदेश दिया। सुदर्शन पटनायक अपनी अनोखी रेत कलाओं के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने समय-समय पर सामाजिक, पर्यावरणीय और वैश्विक मुद्दों को अपनी कला के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया है। इस बार उन्होंने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और उससे प्रभावित लोगों की पीड़ा को अपनी कला में दर्शाया।
पुरी समुद्र तट पर बनाई गई इस रेत कलाकृति के माध्यम से उन्होंने नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कलाकृति में आपदा से प्रभावित लोगों के दर्द और उनके प्रति मानवीय सहयोग की भावना को दर्शाने का प्रयास किया गया। सुदर्शन पटनायक ने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज और दुनिया के सामने महत्वपूर्ण संदेश भी पहुंचाए जा सकते हैं। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से नेपाल के लोगों के लिए प्रार्थना और समर्थन का संदेश दिया।
नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ ने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत समेत कई देशों ने नेपाल के लिए सहायता का हाथ बढ़ाया है। सुदर्शन पटनायक की इस पहल को लोगों ने काफी सराहा है। समुद्र तट पर मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने उनकी रेत कलाकृति को देखा और नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
गौरतलब है कि सुदर्शन पटनायक इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर रेत कला के जरिए जागरूकता फैलाते रहे हैं। उन्होंने कोरोना महामारी, पर्यावरण संरक्षण, शांति संदेश और प्राकृतिक आपदाओं जैसे विषयों पर भी अपनी कला प्रस्तुत की है। उनकी रेत कलाकृतियां अक्सर देश-विदेश में चर्चा का विषय बनती हैं। कला के माध्यम से समाज को जोड़ने और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने की उनकी कोशिश को लोगों का समर्थन मिलता रहा है।
नेपाल बाढ़ त्रासदी के बीच बनाई गई यह रेत कलाकृति भारत और नेपाल के बीच मजबूत सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों को भी दर्शाती है। इस पहल के जरिए सुदर्शन पटनायक ने संदेश दिया कि संकट के समय मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है और पीड़ितों के साथ खड़ा होना सभी की जिम्मेदारी है।
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